यह ब्लौग पोस्ट मैं हिंदी में इसलिये लिख रहा हूँ चूंकि मैं यह चाहता हूँ कि मैं हिंदी तथा आँग्ल भाषा दोनो मे अच्छी तरह लिख सकूं तथा अपने आपको स्पष्ट रुप से व्यक्त कर सकू।
बहुत साल पहले, जब मैं अंग्रेजी का भक्त नहीं बना था, मैं हिंदी कॉमिक्स पढ़ कर अपने समय का बहुपयोग करता था। इनमे प्रमुख थी सुपर कमांडो ध्रुव, नागराज, चाचा चौधरी, बिल्लू-पिंकी तथा अन्य सभी कॉमिक पात्र। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि पढने का फितूर मेरी बचपन में डाली गयी आदतों का ही नतीजा है।
बचपन के दिन मैं तीन भागों मैं बाँटा करता था। पहले आठ घंटे स्कूल में टाईम पास करने में बीतते थे, बाक़ी आठ घंटे कॉमिक्स और वीडियो गेम खेलने में व आख़िरी आठ घंटे सोने में। फिर जब मैं आठवी कक्षा में आया तो पहली बार अपने विद्यालय के पुस्तकालय से मुझे मेरा पहला अंग्रेजी नावल, Such a Long Journey मिला।
Written by Rohinton Mistry, this was a novel about a parsi family in wartime Bombay. Needless to say and as you can see, from this time on, I was a slave to the written word, but only in the queen's language. I've been reading English Fiction, non-fiction, diction and contradiction ever since.
Please don't read much into this post। नहीं तो आप किन्कर्त्त्व्यविमूढ़ रह जायेंगे।
अलविदा।

4 comments:
ahem...can we have some understandable language.. :p
हिन्दी में लिखने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद। हिन्दी में ब्लॉग लिखने वाले मेरे अलावा और भी कम स ५०० सदस्य हैं जो आपके हिन्दी में लिखे लेखों को पढ़ने के लिये तत्पर है।
जिनकी संपूर्ण सुचि आप नारद से पा सकते हैं। नारद एक साइट है जिस पर सभी हिन्दी चिट्ठों की पोस्टें एक जगह देखी जा सकती हैं।
हिन्दी टाइपिंग और ब्लॉगिंग संबंधी संपूर्ण जानकारी सर्वज्ञ विकी पर उपलब्ध है। इस विषय में कोई भी प्रश्न परिचर्चा हिन्दी फोरम में पूछ सकते हैं।
किसी भी प्रकार की सहायता हेतु निसंकोच संपर्क करें, हम आपसे सिर्फ़ एक इमेल की दूरी पर है।
तो कब लिख रहे हैं अपना हिन्दी में चिट्ठा यानि ब्लॉग?
sagarchand.nahar at gmail.com
Its the same case for you.. be it Hindi or English.. :P
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